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मरू महोत्सव में चढ़ा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का रंग

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जैसलमेर – जैसलमेर में विश्व विख्यात ‘मरू महोत्सव-2018’ के पहले दिन जनवरी की शाम शहीद पूनम सिंह स्टेडियम में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में विभिन्न प्रान्तों से आए ख्यातनाम कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर दर्शकों का मनमोह लिया। इस दौरान जिला कलक्टर कैलाश चन्द मीना, जिला पुलिस अधीक्षक गौरव यादव, जिला एवं सत्र न्यायधीश मदन लाल भाटी, मेहमानी में जिला प्रषासनिक अधिकारी, सेना व पुलिस अधिकारी के साथ ही हजारों की संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक मौजूद थे, जिन्होंने मरू मेले की सुरमयी सांस्कृतिक सांझ का भरपूर आनंद लिया।

इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर के.एल. स्वामी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग भार्गव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयनारायण मीना, उप निदेशक भानुप्रताप सहित विभिन्न अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि तथा शहर व आसपास के क्षेत्रों के संगीतप्रेमी उपस्थित थे।

सांस्कृतिक सांझ की शुरुआत बाड़मेर जिले के केसुला गांव के हाकमखां मंगणियार एवं उनकी पार्टी ने मांड गायन ‘‘केसरिया बालम आवो नी पधारो म्हारे देश‘‘ गीत प्रस्तुत कर राजस्थानी स्वागत संस्कृति से रूबरू कराया। सांस्कृतिक सांझ में पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृति केन्द्र पटियाला के अन्तर्राष्ट्रीय लोक कलाकार निवेदिता भारती महाजन एवं उनकी सखियों ने जम्मू कश्मीर की लोक संस्कृति का प्रसिद्व कश्मीरी रूफ नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को कश्मीरी संस्कृति से रूबरू कराया। वहीं उत्तर क्षेत्र सांस्कृति केन्द्र हिमाचल प्रदेश के राष्ट्रीय शारदा कला मंच धरोटी के नरेश कुमार एवं उनके दल द्वारा दीपक नृत्य की प्रस्तुति कर हिमाचल की लोक संस्कृति का संजीव प्रदर्शन किया वहीं इन लोक नृत्यगनाओं ने अपने सिर पर उल्टा पानी का लोटा रखकर उस पर दीप प्रजवल्लित कर इतना शानदार नृत्य प्रस्तुत किया कि सभी दर्शक मोहित हो उठें।

सांस्कृतिक सांझ में गुजरात के विजय बगुला एण्ड पार्टी ने गुजरात के लोक पर्व दीपावली एवं नवरात्रि पर गीत प्रस्तुत किए जाने वाले डांगी नृत्य को प्रस्तुत कर दर्शकों को गुजरात की संस्कृति से अवगत कराया। वहीं गुजरात भावनगर के नितिन दवे ने गरबा रास कर नवरात्रि पर्व से साक्षात कराया।

वहीं जैसलमेर में बिजली के रूप में ख्याति अर्जित कर चुके अन्नू सौलंकी ने ‘‘होलिया में उडे रे गुलाल, गयो रंग मेले में‘‘ ढोल की थाप पर बहुत तेजी के साथ घुटनों के बल पर घुटना चकरी नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को अचंभित सा कर दिया।

सांस्कृति संध्या में बसावा के बच्चू भाई एस एवं उनके लोक कलाकारों द्वारा माता की झांकी के रूप में होली के पर्व पर आयोजित किए जाने वाले हैरत अंगेज समूह नृत्य पेश कर दर्शकों को मन्त्र मुग्ध कर दिया। सांस्कृति सांझ में इमरान सिन्धी ने सिंधी धमाल की शानदान प्रस्तुति की इसमें लोक कलाकारों ने नारियल को अपने सिर पर फोडकर हैरत अंगेज प्रदर्शन किया। सांस्कृतिक सांझ में जैसलमेर मूलसागर के अन्तर्राष्ट्रीय लोक कलाकार तगाराम भील ने अलगांजा वादन से राजस्थानी गीतों के स्वरों की इतनी शानदार प्रस्तुति की कि सभी दर्शक मनमोहित हो गए।

सांस्कृतिक सांझ में जैसलमेर के ख्यातनाम लोक कलाकार हसन खां ने राजस्थानी गीत ‘‘मीठी बोली रा साहेबा‘‘ पेश कर पूरे माहौल को आनंदित सा कर दिया। भरतपुर के ख्यातनाम लोक कलाकार अशोक शर्मा ने मयूर नृत्य की शानदान प्रस्तुति की वहीं पंजाब के गुरजीद सिंह ने भांगड़ा एवं जिंदवा नृत्य कर पंजाबी लोक संस्कृति से दर्शकों को रूबरू कराया एवं उनको मोहित कर दिया।

सांस्कृतिक समारोह के दौरान स्टेडियम का चप्पा चप्पा दर्शकों से भरा रहा। सांस्कृतिक सांझ की आकाशवाणी के उद्घोषक जफर खां सिंधी ने अपनी खनकती आवाज में कार्यक्रम का संचालन किया एवं उनकी खूबियों के बारे में दर्शकों को अवगत कराया। अंग्रेजी उदघोषक गुलनाज ने अंग्रेजी में उदघोषणा कर विदेशी पर्यटकों को भारतीय लोक संस्कृति से अवगत कराया। इस दौरान उपखंड अधिकारी हंसमुख कुमार, तहसीलदार वीरेन्द्र सिंह, उप अधीक्षक पुलिस मांगीलाल भी उपस्थित थे।

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