आमजन के लिए आमजन द्वारा

सिमटी-सिमटी भाजपा और बिखरी-बिखरी कांग्रेस, कौन कहेगा – जनता में अण्डर करंट था

क्या मेरा बूथ मेरा गौरव के माध्यम से मजबूत हो रही है कांग्रेस ? और राजस्थान गौरव यात्रा कर पाएगी भाजपाइयों को एक ?

260
  • लखन सालवी

ज्यूं-ज्यूं विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे है त्यूं-त्यूं राजनीतिक पार्टियों के लोग अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय हो गए है। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नेतृत्व में भाजपा “राजस्थान गौरव यात्रा” निकाल कर आमजन से जुड़ने का जतन कर रही है। घनश्याम तिवाड़ी भाजपा से अलग होकर अपनी पार्टी बना चुके है। वे राजस्थान गौरव यात्रा पर भी लगातार सवाल खड़े कर रहे है, जिसका कोई प्रभाव न पहले कभी राजे पर पड़ा ना शायद आगे भी पड़ता दिखाई दे रहा है। जगजाहिर है कि राजे के आगे किसी की नहीं चलती। प्रदेशाध्यक्ष की नियुक्ति के अनालिसिस से भी इस बात का सत्यापन किया जा सकता है। वो केवल अपने मन की करती है। पूर्व में गुलाब चंद कटारिया की यात्रा को रोककर भी राजे ने साबित कर दिया। सो भाजपा पूरी तरह से वसुंधरा राजे में सिमटी हुई है। ये बात अलग है कि सिमटने और बिखरने के अपने-अपने नफे-नुकसान है।

वहीं दूसरी और कांग्रेस द्वारा “मेरा बूथ मेरा गौरव” अभियान के द्वारा बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि गहलोत-पायलेट-जोशी गुट में बंटी हुई कांग्रेस के बीच का विरोध जगजाहिर होता जा रहा है जो कहीं ना कहीं कांग्रेस के लिए नुकसानदायी साबित होगा, मतलब कांग्रेस बिखरी हुई-सी दिख रही है।

Kailash Trived Addressing A Meeting

गुटबाजी की परतें कई विधानसभा क्षेत्रों में उधड़ कर सामने आ रही है। बात करें भीलवाड़ा जिले के सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र की, तो यहां विधायक के दो मजबूत दावेदार उभर कर सामने आए है। एक है पूर्व विधायक कैलाश त्रिवेदी व दूसरे है श्याम लाल पुरोहित। इनके अलावा भी एक मजबूत युवा कांग्रेस नेता प्रदेश कांग्रेस सदस्य प्रकाश जाट का नाम भी इन दिनों सुर्खियों में है। कैलाश त्रिवेदी डॉ. सी.पी. जोशी गुट के खास व्यक्ति बताए जाते है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में डॉ. सी.पी. जोशी के नाथद्वारा से चुनाव हार जाने के बाद भी उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने के समर्थन में त्रिवेदी ने कहा था कि अगर जोशी को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो वे अपनी विधायक सीट जोशी के लिए छोड़ने को तैयार है। इस से साफ है कि वे डॉ. सी.पी. जोशी टीम के महत्वपूर्ण व्यक्ति है और डॉ. सी.पी. जोशी का कांग्रेस में दबदबा बरकरार है, सो कयास है कि इस बार भी टिकिट कैलाश त्रिवेदी को ही दिया जाएगा।

Shyam Purohit in a Public Meeting

 दूसरा गुट श्याम लाल पुरोहित का उभर कर सामने आया है। श्याम लाल पुरोहित जनप्रिय और कांग्रेस विचारधार के कर्मठ नेता माने जाते है। उन्होंने भी विगत कुछ सालों से टीम राहुल गांधी में अपनी पहचान कायम की है। सोनिया गांधी के निजी सलाहकारों से लेकर राहुल गांधी की सलाहकारों की टीम में उनकी साफ सुथरी छवि के चर्चे है।

इसी कारण उन्हें कांग्रेस के एक फ्रण्ट का संभागीय अध्यक्ष बनाया गया था। उपचुनावों में उन्हें हाड़ौती के एक जिले की जिम्मेदारी दी गई थी। साफ व अविवादित छवि के रूप में श्याम लाल पुरोहित एक मजबूत दावेदार माने जा सकते है।

Prakash Jat in a  Mera Booth – Mera Gourav

विदित रहे कि सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा लगभग जाट उम्मीदवार को ही टिकिट देती रही है। डॉ. रतन लाल जाट ने कई बार चुनाव लड़े। विगत चुनाव में उनका विरोध होने के कारण उन्होंने अपनी राजनीतिक सूझबूझ के जरिए अपने भाई डॉ. बालूराम चौधरी को टिकिट दिलवाया और वे चुनाव जीते। भाजपा इस बार भी जाट उम्मीदवार को टिकिट देती है तो उसकी तोड़ में कांग्रेस प्रकाश जाट पर दांव खेल सकती है, हालांकि इसकी उम्मीद बहुत कम है। मगर प्रकाश जाट को कम आंकना कांग्रेस की भूल ही कही जाएगी। पूर्व वन एवं पर्यावरण मंत्री राम लाल जाट को भी सहाड़ा-रायपुर विधानसभा क्षेत्र से टिकिट देने की चर्चाएं तीन-चार माह पूर्व तक तेज थी लेकिन विगत दो माह से ऐसी कोई चर्चा नहीं है, लेकिन राजनीतिक समझदारों की माने तो कांग्रेस ये कदम भी उठा सकती है।

खैर, भाजपा व कांग्रेस सहाड़ा-रायपुर विधानसभा क्षेत्र से किसे टिकिट देगी ये तो भविष्य की गर्त छिपा है लेकिन कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी होगी या नहीं ? ये निरूत्तर सवाल है। फिलहाल कांग्रेस के सभी गुटों के लोग अलग-अलग ही सही मेरा बूथ मेरा गौरव कार्यक्रम के जरिए जनता के बीच जा रहे है और कांग्रेस को मजबूत करने का प्रयास कर रहे है। वर्तमान में कैलाश त्रिवेदी, श्याम लाल पुरोहित, चेतन डिडवाणिया, प्रकाश जाट सहित सभी नेता मेरा बूथ मेरा गौरव कार्यक्रम पर फोकस कर रहे है। वक्त बताएगा ये कि ये लोग पार्टी के लिए फोकस कर रहे है या टिकिट पाने के लक्ष्य पर . . .

Ladu Lal Peetaliya with Villager’s

उधर भाजपा के डॉ. रतन लाल जाट व उनके भाई डॉ. बालूराम चौधरी द्वारा भी टिकिट की दावेदारी करने की पूरी संभावनाएं है। पूर्व में कई बार टिकिट की दावेदारी जता चुके रूप लाल जाट, समाजसेवी लादू लाल पितलिया, नान्दशा जागीर के गोपाल लाल दाधीच सहित कई नेता विगत एक साल से क्षेत्र में सक्रिय होकर टिकिट की दावेदारी जता चुके है। जिससे भाजपा का बिखराव भी साफ नजर आ रहा है। बावजूद डॉ. जाट के दबदबे को देखते हुए टिकिट का उन तक ही सिमटना तय माना जा रहा है।

 

दोनों की पार्टियों की ओर से दावेदार घोषित हो जाने के बाद इन सभी दावेदारों की एकजुटता बहुत जरूरी होगी। माना जा रहा है कि जो एकजुट हो जायेंगे उनका जीतना लगभग तय है। बस देखना है कि इस बार कौन कहेगा कि – “जनता में अण्डर करंट था।”

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com