आमजन के लिए आमजन द्वारा
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गाँव

​कैसा इतिहास ?

संग्राम छिडा़ है हृदय की तंग गलियों में, इतिहास रचा गया सबलों की रंगरलियों में। कोरे पन्ने मसी से मात्र आवरित…

बे-आबरू करती जिंदगी

बे-गरूर मिली जिंदगी, बे-अदब कर रही जिंदगी, अदब से जीने की कशिश में, बे-आबरू करती जिंदगी। कांटो में गुजरती गुलाब की…

कतार में …..!

भंवर मेघवंशी   ( स्वतंत्र पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता ) जब कतारों में तब्दील हो गया हो देश…