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शिविर में हुए नामों मे संसोधन, मरने के बाद पाडा से हुआ पहाड़ सिंह, पूना से हुआ पूनम सिंह

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मंजूर शेख/आसींद/भीलवाड़ा – गांवों में लोगों के परिजन व रिश्तेदार मूल नाम को अलग ही तरह से संबोधित करने लगते हैं। जिसका खामियाजा व्यक्ति को ताउम्र उठाना पड़ता है। पहाड़ सिंह नाम के व्यक्ति को परिवार व रिश्तेदार सहित ग्रामीण पाडा कहकर संबोधित करते थे। बोलचाल में पहाड़ सिंह गांव में पाडा के नाम से प्रचलित हो गया। कभी सरकारी दस्तावेजों में नाम अंकित किए तो उनमें भी पहाड़ सिंह की बजाए पाडा सिंह लिख दिया गया। पहाड़ सिंह ताउम्र अपने नाम को दस्तावेजों में पाडा सिंह से पहाड़ नहीं करवा पाया और पाडा सिंह के रूप में ही उसकी मृत्यु भी हो गई।

मसला भीलवाड़ा जिले के आसींद ब्लॉक के अंटाली गांव का है। यहां गुरूवार को न्याय आपके द्वार अभियान के तहत राजस्व लोक अदालत शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में नाम संसोधन करवाने के पाडा सिंह जैसे कई मामले सामने आए। ऐसे मामलों की जांच करते हुए शिविर अधिकारी ने नाम संसोधन की कार्यवाही की। मरणोपरांत पाडा सिंह से पहाड़ सिंह, हणपत सिंह से गणपत सिंह, नंदा पिता चंद्रा की जाति को संसोधित करते हुए बैरवा किया गया। वहीं नरवर सिंह से नरपत सिंह, तेजा से तेज सिंह, रामा से राम सिंह, सुआ से सवाई सिंह, पूना से पूनम सिंह, चांदी व चांन्दू से चांदी देवी, नवला से नवल सिंह किया गया। सम्मानजनक नाम पाकर जिंदा लोगों के चेहरे पर जहां खुशी छलक आई वहीं स्वर्गवासी हो चुके लोगों की आत्मा को भी चैन मिला होगा।

उपखंड अधिकारी दिनेश कुमार धाकड़ ने आदेश जारी कर इन्हें नए नाम से पुकारा तो कैंप स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उपस्थित जन समुदाय व जनप्रतिनिधियों ने सरकार के कैंप लगाने कि मंशा को सही बताया। उपखंड अधिकारी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अंटाली सरपंच संपत लाल ने कहा कि उपखंड अधिकारी ने सच्चे अर्थों में कैंप को साकार किया। इसी क्रम में 30 वर्षीय विधवा महिला भगवती देवी जिनके पति एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी वो अपने तीन नाबालिग बच्चों को लेकर कैंप में आई और बोली कि एक बच्चे का नाम नामांतरण दर्ज करते वक्त जमाबंदी में विशाल लिखवा दिया गया जो गलत है इससे इस को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा। मुझे इसके भविष्य की चिंता है। इसलिए दूसरे समस्त सरकारी दस्तावेज अनुसार इसका नाम विशाल के बजाय तरुण दर्ज करवा दो। उपखंड अधिकारी ने प्रकरण में रिपोर्ट लेते हुए विशाल के बजाय तरुण पिता महावीर नाबालिग दर्ज करने के आदेश जारी किए आदेश की प्रति मिलते ही भगवती देवी बोली अब मेरे बच्चे का भविष्य उज्जवल हो गया। कैंप में तहसीलदार हरिराम यादव, नायब तहसीलदार गोपाल लाल माटोलिया, सरपंच संपत लाल, भू अभिलेख निरीक्षक अशोक कुमार पारीक उपस्थित रहे।

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