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दिवाली का आनन्द उठा रहे है विदेशी सैलानी

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जयपुर – राजस्थान की संस्कृति, साहित्य, स्थापत्य कला, संगीत और भौगोलिक दशाएं विदेशी सैलानियों को आकर्षित करती है। राजस्थान आने वाले सैलानियों के सफर के दौरान गर त्यौहार का तड़का लग जाए तो उनके लिए सोने पे सुहागा जैसा हो जाता है। हाल में प्रदेश में सैलानियों की आवक शुरू हो चुकी है। जापानी, फ्रांसीसियों के बाद अब दीवाली के त्यौहार पर अंग्रेजों पर भी राजस्थान का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। अंग्रेज लोग भी घूमर के स्टेप्स सीखते दिख रहे हैं। मेहंदी लगवाना और बंधेज की साड़ी पहनना उनकी पसंद बन गया। जी हां, इस पर्यटन सीजन के तीसरे विदेशी पर्यटन मार्ट यानी लन्दन चल रहे डब्ल्यूटीएम में ब्रिटिशों के लिए राजस्थान सबसे बड़े आकर्षण के तौर पर उभरा है।

राजस्थान पर्यटन को लेकर देशकृविदेश में सैलानियों में हमेशा से आकर्षण रहा है, लेकिन पिछले पांच वर्ष में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ी है और रूस एवं जापान सहित यूरोप और एशियाई देशों के सैलानी प्रदेश में ज्यादा आने लगे हैं। पिछले चार-पांच वर्ष में सरकार ने ग्लोबल मीडिया कैंपेन शुरू किया और विदेशी मार्ट्स में हिस्सेदारी बढ़ाई, तभी से विदेशी पर्यटकों का आगमन बढ़ा है।

बहरहाल 1 सितंबर को शुरू हुए पर्यटन सत्र की बात करें तो राजस्थान पर्यटन ने जापान के टोकयों में ’जाटा’ ट्यूरिज्म एक्सपो और पेरिस में टॉप रेज़ा में शिरकत की और अब लन्दन में दुनिया के सबसे बड़े मार्ट यानी डब्ल्यूटीएम में क्या गज़ब का रेस्पांस मिला है। तीन दिन के इस आयोजन की शुरुआत में ही लन्दन राजस्थान के रंग में रंगा नजर आ रहा है। ब्रिटिश पर्यटक खासकर महिलाएं और कॉलेज स्टूडेंट घूमर की दीवाने हो गए हैं और मेहंदी मांढना, चूनरी ओढ़ना जैसे उनका शगल बन गया है।

डब्ल्यूटीएम में राजस्थान पर्यटन के सहायक निदेशक अजय शर्मा वहां के ट्रेवल एजेंट्स और ट्यूर ऑपरेटर्स के साथ ही ट्रेवल ट्रेड के बहुत से लोगों के साथ बी टू बी मीटिंग्स कर रहे हैं। राजस्थानी पर्यटन उत्पादों को लेकर रोड शो भी किए जाएंगे। शाही ट्रेन पैलेस ऑन व्हील्स के प्रमोशन के लिए भी विशेष शो केस रखा गया है। विश्व विरासत में शुमार सभी हिल फोर्ट्स पर प्रजेंटेशन हुआ, सम के धोरे और रणथंभौर, सरिस्का को लेकर भी विशेष जानकारी दी जा रही है।

आयोजन में यूं तो दुनियाभर से ट्रेवल ट्रेड के लोग आए हैं, लेकिन ब्रिटिश लोगों ने जिस तरह से मरुधरा की सांस्कृतिक झलक देखने में रुचि दिखाई, उससे अलग ही माहौल बन गया। अंग्रेज महिलाएं घूमर डांस देखने घंटों राजस्थान के पैवेलियन पर डटी रहीं। राजस्थानी डांस फॉर्म्स को को लेकर जानकारी लेती रहीं। ब्रॉशर्स में जानकारी होने के बाद भी राजस्थान आने और यहां रुकने व घूमने को लेकर भी फ्रेंच लोगों में काफी उत्साह नजर आया।

ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि सर्दियों की शुरुआत के साथ ही ब्रिटिश पर्यटकों का प्रदेश में आगमन बढ़ेगा और अंग्रेज पर्यटकों की शाही ट्रेन में भी बुकिंग में इजाफा होगा। कुल मिलाकर पहले जापान फिर फ्रांस और अब लन्दन ने जिस तरह राजस्थान पर्यटन में रुचि दिखाई है। वैसी ही साल की शुरुआत में स्पेन में होने वाले फितूर मार्ट और अन्य विदेशी मार्ट्स में भी दिखी तो राजस्थान पर्यटन उद्योग फिर से मजबूत स्थिति में दिखाई देगा।

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