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गोगुन्दा : ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा, पुत्र ने ही करवाई थी पिता की हत्या !

गोगुन्दा : ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा, पुत्र ने ही करवाई थी पिता की हत्या !

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गोगुन्दा/उदयपुर – गोगुन्दा पुलिस ने गत माह 27 नवम्बर को हुए ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए पिता के हत्यारे पुत्र कमलाराम गमेती व उसके साले सहित 5 जनों को गिरफ्तार किया है।

जिला पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि गोगुन्दा थाना सर्कल में रावलिया कलां गांव में 27 नवम्बर को अज्ञात अभियुक्तों द्वारा वृद्ध नाथू लाल गमेती की रात के समय बेरहमी से हत्या कर शव को खेत में डाल दिया था। जिस पर थाना गोगुन्दा पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान आरम्भ किया गया तथा घटनास्थल पर भरत योगी थानाधिकारी थाना गोगुन्दा, प्रशिक्षु आरपीएस नियति शर्मा व एफएसएल टीम प्रभारी अभय प्रताप सिंह व डॉग स्क्वायड द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान डॉग स्क्वायड के घटना स्थल पर ही घुमने के कारण वह अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को प्रथम दृष्टया परिजनों पर ही संदेह हुआ। उसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बृजेश सोनी व वृताधिकारी देवाराम चौधरी के निर्देश पर थानाधिकारी भरत योगी व प्रशिक्षु आरपीएस नियति शर्मा के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई जिसमें एएसआई रूप लाल, हैड कांस्टेबल हरि सिंह, हिरा लाल, कांस्टेबल विशनाराम, हंसराज, सुरेन्द्र, सुनील कुमार व गोविन्द सिंह को शामिल किया गया। इस टीम के द्वारा अनुसंधान में परिजनों से पूछताछ के दौरान मृतक के पुत्र कमला गमेती (उम्र 30) व मृतक के भतीजे धूलाराम गमेती (28 उम्र) का आचरण व हावभाव संदिग्ध पायी जाने पर उनसे मनोवैज्ञानिक तरीके से कड़ाई पूछताछ की गई जिसमें कमला गमेती ने अपने पिता की हत्या अपने अन्य चचेरे भाई धूलाराम गमेती व उसके 4 अन्य साथियों से करवाने की बात कबूल की।

पैतृक जमीन बेचने देने की आशंका व घर से बेदखल करने के कारण की हत्या

पुलिस पूछताछ के दौरान कमला गमेती ने बताया कि उसके पिता नाथू लाल गमेती ने नवरात्रा के बाद उसके व उसकी पत्नी गीता गमेती के साथ मारपीट की और घर से बेदखल कर दिया था। अपने पिता के डर से वह अपने पत्नी गीता के साथ अपने ससुराल रावलिया कलां में रहने लगा था। उसे ज्ञात हुआ कि उसका पिता पैतृक भूमि को समतलीकरण करवाकर कुंआ खुदवा रहा है तथा उसे बेचने की फिराक में है। जिस पर उसने धूलाराम के साथ मिलकर अपने पिता की हत्या करने की योजना बनाई और योजना को अंजाम देने के लिए दोनों करीब एक माह से नाथू लाल की हत्या करने की तैयारी कर रहे थे। उसके बाद 27 नवम्बर को धूलाराम गमेती ने ओड़ो का गुड़ा निवासी अपने साले कूकाराम गमेती, मगन गमेती, बंशी लाल गमेती व पदाराम उर्फ धूलाराम को नाथू लाल की हत्या करने के लिए तैयार किया और शाम को उन सबको साथ लेकर नाथू लाल के घर पहुंचा। वहां उन्होंने नाथू लाल से झगड़ा किया और सभी ने मिलकर बेरहमी से पत्थरों से चोटें मारते सिर कुचल कर उसकी हत्या कर दी।

सूचना देने के दौरान आरोपियों ने पुलिस को किया गुमराह

आरोपियों ने बचने के लिए सूचना देते समय पुलिस को गुमराह करने का पूरा प्रयास किया। अभियुक्त कमलाराम व धूलाराम गमेती पुलिस से बचने के लिए हत्या करने के बाद दूसरे दिन सुबह थाने में पहुंचे और अज्ञात लोगों पर हत्या का आरोप लगाया। पुलिस डॉग स्क्वायड व एफएसएल टीम के साथ जब मौके पर पहुंची तो धूलाराम जानबूझ कर घटना स्थल पर मौजूद नहीं रहा। वहीं मतृक का पुत्र कमला जो घटना होते ही मौके पर पहुंच गया था, बावजूद उसने जानबूझ कर उस वक्त पुलिस को सूचना नहीं दी। उसने पुलिस को गुमराह किया कि उसे घटना की जानकारी दूसरे दिन सुबह हुई।

दोनों ही आरोपियों द्वारा हत्या करना कबूल कर लेने के बाद पुलिस ने हत्या करने में शामिल रहे अन्य मुल्जिमों को दबिश देकर अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया। पुलिस द्वारा मामले में सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

मामले का खुलासा करने में विशेष भूमिका निभाने वाले होंगे सम्मानित

इस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करने में एफएसएल टीम प्रभारी अभय प्रताप सिंह, डॉग स्क्वायड व बीट कांस्टेबल सुरेन्द्र चौधरी, विश्नाराम चैधरी की विषेष भूमिका रही। जिन्हें पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

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