आमजन के लिए आमजन द्वारा

राज्य में ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों पर इतने काम तो हो गए और इतने काम अब होंगे

इतने काम होंगे, इतने काम होंगे कि गिनते-गिनते अंगुलियों की रेखाएं घिस जाए

228

जयपुर – शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि राजस्थान सांस्कृतिक विविधताओं का प्रदेश है। संगीत, नृत्य, चित्रकलाओं के साथ ही यहां वर्ष पर्यन्त मेले, उत्सव इस कदर आकर्षक होते है कि विश्वभर से पर्यटक निरन्तर यहां आते रहते हैं। उन्होंने कहा कि कला एवं संस्कृति विभाग के अन्तर्गत राजस्थान ललित कला अकादमी, जयपुर, जवाहर कला केन्द्र, जयपुर, राजस्थान संगीत नाटक अकादमी, जोधपुर एवं भारतीय लोक कला मण्डल, उदयपुर जैसी संस्थाएं प्रदेश की संस्कृति का वृहद् स्तर पर संरक्षण एवं विकास किया जा रहा हैं।

उन्होंने कहा कि राजकीय संग्रहालय, भरतपुर, सीकर, पाली, बीकानेर, जैसलमेर एवं अजमेर के संग्रहालयों के संरक्षण एवं विकास की पहल की गयी है। इसके अलावा राजकीय संग्रहालय, चित्तौड़, कोटा, जोधपुर, झालावाड़, मण्डोर (जोधपुर), आहड (उदयपुर), डूंगरपुर, चन्द्रावती (सिरोही), शाहपुरा (भीलवाडा), विराटनगर (जयपुर), अलवर का विकास कार्य प्रगति पर है।

उन्होंने बताया कि विश्व प्रसिद्ध नाहरगढ़ किला, जयपुर परिसर में सिलिकन वैक्स म्यूजियम स्कल्पचर पार्क तथा विरासत संग्रहालय की स्थापना कर आमजन के लिए खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की दृष्टि से जयपुर स्थित आमेर महल में पर्यटकों की सुविधार्थ बैटरी से संचालित इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन प्रारम्भ किया गया है।

देवनानी ने कहा कि भारत सरकार द्वारा स्वीकृत स्वदेश दर्शन योजना अन्तर्गत आध्यात्मिक सर्किट में कामां (भरतपुर), मचकुण्ड (धौलपुर), विराट नगर (जयपुर), सामोद बालाजी (जयपुर), घाट के बालाजी (जयपुर), बंधे के बालाजी (जयपुर), जयपुर शहर की प्रमुख सड़कों पर प्रकाश व्यवस्था, हेरिटेज सर्किट में नाहरगढ़ किला (जयपुर), गागरोन किला (झालावाड़), बाग-ए-निलोफर (धौलपुर), कृष्णा सर्किट में चरण मंदिर-नाहरगढ़ (जयपुर), गोविन्द देवजी मंदिर (जयपुर), नाथद्वारा (राजसमन्द), खाटूश्यामजी (सीकर) के विकास कार्य प्रारम्भ कर दिये गये हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में सफेद महल (भरतपुर), वैर किला (भरतपुर), प्राचीन अवशेष मउबोरदा (झालावाड़) प्राचीन अवशेष दलहनपुर (झालावाड़), गढ़ पैलेस (झालावाड़), कुलधरा (जैसलमेर), मूसी रानी की छतरी (अलवर), आभानेरी (दौसा), कामां महल (भरतपुर), मचकुण्ड (धौलपुर) आदि में स्मारकों का संरक्षण एवं विकास कार्य प्रगति पर है।

देवनानी ने बताया कि राणा सांगा, पेनोरमा, खानवा (भरतपुर), लोक पूज्य देवता गोगाजी पेनोरमा, गोगामेड़ी (हनुमानगढ़), वीर अमर सिंह राठौड पेनोरमा (नागौर), करणी माता पैनोरमा (बीकानेर) लोक देवता रामदेव जी का पेनोरमा (जैसलमेर), बूढा पुष्कर फीडर निर्माण (अजमेर) का कार्य-पूर्ण किया जा चुका है। साथ ही पं. दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय संग्रहालय, धानक्या, जयपुर, संत सुन्दर दास पेनोरमा, दौसा, संत रैदास का पेनोरमा, चित्तौडगढ़, लोक देवता पाबूजी का पेनोरमा, कोलू (जोधपुर), नागरीदास जी का पेनोरमा, किशनगढ़ (अजमेर), कालीबाई का पेनोरमा, माण्डवा (डूंगरपुर), पन्नाधाय का पेनोरमा, कमेरी (राजसमन्द), हसन खॉ मेवाती का पेनोरमा, अलवर, बप्पारावल का पेनोरमा, मठाठा (उदयपुर), महाराणा राजसिंह पेनोरमा, राजसमन्द एवं मानगढ़ धाम में जनजाति स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय आदि के निर्माण कार्य प्रगति पर है।

सदन में की गई घोषणाएं :

  • जयपुर स्थित आमेर महल को आइकोनिक ट्यूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में 20 करोड़ रूपये व्यय कर विकसित किया जाएगा।
  • आगामी वर्ष 2018-19 में राज्य सरकार द्वारा मंदिर समूह अवां (कोटा) में 500 लाख, सूर्य मंदिर बूढ़ादीत (कोटा) में 60 लाख, प्राचीन दुर्ग माण्डलगढ़ (भीलवाड़ा) में 100 लाख, कोटवाली गेट (अजमेर) में 20 लाख, भवानी नाट्यशाला (झालावाड़) में 500 लाख, छनेरी-पनेरी देवालय (झालावाड़) में 500 लाख, मंदिर समूह किराडू (बाड़मेर) में 200 लाख, प्राचीन मंदिर समूह ओसिंया (जोधपुर) में 50 लाख, देवताओं की साल-वीरों की दलान एवं रावण की चवरी मण्डोर (जोधपुर) में 270 लाख, हर्ष देवल शिव मंदिर बिलाड़ा (जोधपुर) में 50 लाख, प्राचीन शिवालय भुंडाना, तहसील-भोपालगढ़ (जोधपुर) में 50 लाख, सालिम सिंह की हवेली (जैसलमेर) में 10 लाख, सेठानी का जोहड़ा (चूरू) में 100 लाख, मीनारयुक्त कूप बूटिया (चूरू) में 45 लाख, छतरियां देवी कुण्ड़ सागर (बीकानेर) में 50 लाख, रामगढ़ किला (बांरा) 500 लाख, विष्णु मंदिर काठड़ावन (उदयपुर) में 70 लाख, मीरा महल आहड़ (उदयपुर) में 50 लाख एवं जल महल कुम्हेर (भरतपुर) में 200 लाख (कुल 33 करोड़ 25 लाख) के विकास कार्य कराये जाने प्रस्तावित है।
  • अलवर में राजा भर्तृहरि, भीलवाड़ा के मालासेरी में भगवान देवनारायण, राजसंमद में महाराणा कुंभा माल्यावास मदारिया, सीकर में भक्त शिरोमणी करमेती बाई खण्डेला, अजमेर में श्री सैन महाराज, पुष्कर एवं चित्तौडगढ में भगवान श्री परशुराम, मातृकुण्डिया में रूपये 10 करोड़ के 6 पैनोरमा कार्य प्रारम्भ होगे।
  • राजस्थान राज्य अभिलेखागार, बीकानेर में रूपये 10.80 करोड़ की लागत से “अभिलेख म्यूजियम” का निर्माण कर उसे आमजन के लिए खोला जाएगा।
  • जवाहर कला केन्द्र, जयपुर में दिनांक 31 अगस्त 2018 से अंतर्राष्ट्रीय सिरेमिक्स ट्रिनाले का आयोजन किया जाएगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com