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गोगुन्दा – इस बार ऐसे हो रहा है गणगौर मेले का आयोजन

लो आ गया गोगुन्दा का गणगौर मेला

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गोगुन्दा/उदयपुर – उदयपुर जिले के गोगुन्दा कस्बे में गणगौर का मेले का आयोजन इस बार 8 अप्रेल से 10 अप्रेल तक किया जाएगा। आपको बता दे कि विधानसभा क्षेत्र में यह एकमात्र बड़ा मेला है, जिसमें क्षेत्र के आदिवासी समुदाय के लोग लाखों लोग उमड़ते है। रोजाना 30 से 40 हजार लोग इस मेले में आते है। राजा-महाराजाओं के समय से आयोजित हो रहे इस मेले में गंधर्व विवाह का प्रचलन था। गरासिया समुदाय के युवक-युवतियां इस मेले में ‘‘वालर नृत्य’’ करते थे और इसी नृत्य के दौरान एक-दूसरे का हाथ पकड़कर गंधर्व विवाह कर लेते। हालांकि विगत 3-4 सालों से गंधर्व विवाह की परम्परा समाप्त-सी हो गई लेकिन युवतियों द्वारा वालर नृत्य करना जारी है।

मेले की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई है। इस बार मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राजनीतिक लोगों के भाषण नहीं होंगे। वहीं मेले का आयोजन ग्राम पंचायत द्वारा करवाया जाएगा, जिसमें पर्यटन विभाग द्वारा विभिन्न लोक कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी जाएगी।

मेले के लिए दूकानदारों को दूकानें आवंटित कर दी गई है, वहीं दूकानदार अभी से आने शुरू हो गए है। हर बार की तरह झूले, चकरी, मौते का कुंआ आदि अपने तय स्थानों पर लगाए जा रहे है। वहीं पुरोहितों के खेत में बड़ा डोम बनाया गया है, जिसमें अलग-अलग स्टॉल लगेगी।

इस मेले की खासियत है कि इसमें आम लोगों के जीवन में काम में आने वाली सामग्रियों की बिक्री खूब होती है। घरेलू सामानों की दूकानें बड़ी संख्या में लगती है, जो ग्रामीण जनजीवन को दर्शाती है। आपको बता दे कि गोगुन्दा इस क्षेत्र का सबसे बड़ा गांव है, इस लिहाज से सदियों से इसे ‘‘मोटा गांव’’ कहा जाता है। 35 किलोमीटर की परिधि के छोटे बड़े गांवों के हजारों लोग इस मेले में उमड़ेंगे।
ग्रामीण परिवेश व आदिवासी परम्परा व संस्कृति को दर्शाता यह मेला बाहरी लोगों के लिए खासा आर्कषण का केंद्र होता है। इन दिनों में उदयपुर जिले में आने वाले विदेशी पर्यटक भी इसे देखने से नहीं चूकते है।

आपको बता दे कि यह मेला रात दिन चलता है। सुबह से ही यहां दर्शकों की भीड़ उमड़ने लगती है, वहीं रात में देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी जाती है। बरसाणे ही होली, कच्ची घोड़ी नृत्य, कालबेलिया नृत्य, सहरिया स्वांग, तेरह ताली जैसी कई प्रस्तुतियां लोगों का मनमोह लेती है।

तो आप तारीखें नोट कर लिजिए, 8, 9 व 10 अप्रेल तक इस मेले का आयोजन होना है। आप एक बार इस मेले को जरूर देखिए। साथ ही मेले से जुड़ी तमाम रोचक जानकारियां पाने के लिए कम से कम 11 तारीख तक डेली राजस्थान के साथ बने रहिए।

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