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कठुआ गैंगरेपः ये हैं 8 साल की बच्ची के बलात्कार और हत्या के आरोपी

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श्रीनगर – जम्मू-कश्मीर के कठुआ के रसना गांव में 8 साल की बच्ची के साथ वीभत्स रेप और हत्या मामले में पुलिस ने 8 लोगों को आरोपी बनाया है। इसमें रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी और विशेष पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने मामले की चार्जशीट में बच्ची के साथ दरिंदगी की कहानी बताते हुए सभी आरोपियों का ब्यौरा भी दिया है।

पुलिस की इस चार्जशीट में पहला आरोपी 19 साल का स्कूल ड्रॉपआउट है, जिसने घोड़ा चराने गई लड़की का अपहरण कर नशीली दवाएं खिलाई और फिर उसके साथ रेप किया। युवक ने पहले पुलिस को अपनी उम्र 15 वर्ष बताई थी लेकिन मेडिकल जांच में उसकी उम्र 18 से ऊपर सामने आई। इसके बाद उसने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल कर लिया। बच्ची के शरीर पर मिले बाल से उसका डीएनए भी मैच हो गया।

60 साल का संजी राम मामले का दूसरा आरोपी है। दरिंदगी की इस चार्जशीट के मुताबिक इस पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड संजी राम को बताया गया है। बकरवाल समुदाय की इस मासूम बच्ची का अपहरण, रेप और मर्डर इलाके से इस अल्पसंख्यक समुदाय को हटाने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी। रासना गांव में देवीस्थान, मंदिर के सेवादार संजी समुदाय को हटाने के लिए इस घिनौने कृत्य को अंजाम देना चाहता था। इसके लिए वह अपने नाबालिग भतीजे और अन्य छह लोगों को लगातार उकसा रहा था।

मामले में तीसरा आरोपी स्पेशल पुलिस ऑफिसर दीपक खजुरिया है जिसने बच्ची को मारने से पहले एक बार रेप करने की इच्छा जाहिर की थी। उसका नाम पहले आरोपी ने अपने बयान में लिया था। कॉल डेटा रिकॉर्ड के हवाले से भी सामने आया कि वह उसी जगह पर मौजूद था जहां बच्ची को 4 दिनों के लिए बंद कर रखा गया था।मामले में चौथा आरोपी है स्पेशल पुलिस ऑफिसर सुरिंदर कुमार। चश्मदीदों ने उसे घटना वाली जगह देखा था। कॉल डेटा रिकॉर्ड में भी उनकी मौजूदगी सामने आई।

युवक ने अपने दोस्त परवेश कुमार का नाम लिया था जो मामले का पांचवा आरोपी है। उस पर बच्ची के साथ लगातार रेप करने का इल्जाम है। संजी राम का बेटा विशाल जंगोत्रा मामले का छठा आरोपी है जिसे फरेंसिक टेस्ट के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। विशाल, मेरठ में पढ़ता था और वह पहले आरोपी के मजा लूटने वाली बात कहकर कठुआ आया था।

दो अन्य पुलिकर्मियों को मामले की जानकारी होने और रिश्वत लेकर इसे रफा-दफा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। चार्जशीट के अनुसार एसआई आनंद दत्ता और हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज ने सबूत नहीं जुटाए और बच्ची के कपड़े धोकर आरोपियों की मदद करने की कोशिश की।

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