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कामखेड़ा में लगता है नवरात्रि मेला, शीतला माता के दर्शन के लिए पैदल चलकर आते है श्रद्धालु

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झालावाड़ – रामनवमी के साथ ही नवरात्रा का समापन हो गया। नवरात्रा के दौरान धार्मिक स्थलों पर आस्था का सैलाब उमड़ता ही है। देश में जगह-जगह धार्मिक आस्थाओं के बड़े-बड़े केंद्र है।

ऐसा ही एक केंद्र झालावाड़ जिले के कामखेडा में भी मौजूद है। यहां मां शीतला देवी का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। ये झालावाड़ शहर से 60 किलोमीटर दूरी पर स्थित है, जहां राजस्थान एवं समीपवर्ती राज्य मध्यप्रदेश से हजारों श्रद्धालु मां शीतला के दर्शन करने आते है। वैसे झालावाड़ क्षेत्र में हजारों मन्दिर है लेकिन कामखेडा में मां शीतला का मंदिर विशेष स्थान रखता है। नवरात्रा में यहां 9 दिन तक मेला भरता है। 40 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक तापमान होने के बावजूद श्रद्धालु दर्शन करने के लिए दूर-दूर से पैदल चलकर आते है। यहां मन्दिर में महिला एवं पुरूषों की लम्बी कतार लगी रहती है।

नवरात्रि पर्व पर मां शीतला के मन्दिर में आम दिनों की अपेक्षा अधिक श्रद्धालु आते है। आष्टमी एवं नवमी के दिन तो यहां श्रद्धालुओं को तांता लग जाता है। कई भक्त नंगे पैर पैदल चलकर माता के मंदिर में हाजरी लगाने आते है। भक्तगण माता के मन्दिर में अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए परीसर मे पूजा अर्चना करते है। वे अपनी मनोकामनाएं पूरी करने की अरदास लिए दीपक व अगरबत्ती जलाते है, साथ ही नारियल भेंट कररते है। ऐसा माना जाता है कि कुँवरी कन्या अपनी मनपसंद के वर के लिए माता से मनोकामना करती है। नवमी के दिन यहां अखंड रामायण पाठ एवं दुर्गा पाठ का समापन किया जाता है। वहीं नौ कन्याओं को भोजन कराकर महाप्रसादी का वितरण किया जाता है।

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