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मक्का मस्जिद बम विस्फोट: 11 साल बाद आया फैसला

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     हाइलाइट्स

  • 2007 में मक्का मस्जिद विस्फोट में 9 लोगों की मौत हो गई थी।
  • इस मामले में सीबीआई ने स्वामी असीमानंद समेत कई लोगों को आरोपी बनाया था।
  • चतुर्थ अतिरिक्त मेट्रोपोलिटन सत्र सह विशेष अदालत आज सुनाएगी फैसला।
  • इस मामले में सीबीआई के 54 गवाह अपने बयान से मुकर गए हैं।

नई दिल्ली – 11 साल पहले हैदराबाद की प्रसिद्ध मक्का मस्जिद में हुए शक्तिशाली पाइप बम धमाके मामले में स्वामी असीमानंद सहित सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है। 18 मई 2007 को यानी जुमे की नमाज के दिन मुस्लिम समाज के इस प्रसिद्ध इबादतगाह में हुए ब्लास्ट में 9 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा विस्फोट में 58 लोग घायल भी हुए थे। इस मामले में स्वामी असीमानंद समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। एनआईए मामलों की चतुर्थ अतिरिक्त मेट्रोपोलिटन सत्र सह विशेष अदालत ने सुनवाई पूरी कर ली थी और सोमवार को फैसला सुनाया गया। इस साल मार्च में खबर आई थी कि इस मामले के आरोपी स्वामी असीमानंद की डिस्क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट से गायब हो गई है। इसके बाद हड़कंप मच गया था। हालांकि एक दिन बाद दस्तावेज मिल गया था।

2007 में हुए इस ब्लास्ट में स्थानीय पुलिस ने शुरूआती छानबीन की थी। बाद में यह मामला सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया था। सीबीआई ने एक आरोपपत्र दाखिल किया । इसके बाद 2011 में सीबीआई से यह मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के पास भेजा गया। आपको बता दें कि ब्लास्ट के बाद पुलिस ने दर्शनकारियों को रोकने के लिए हवाई फायरिंग की थी, जिसमें कई और लोग मारे गए थे। इस घटना में 160 चश्मदीद गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। इन बयानों में पीड़ितों के साथ ही आरएसएस प्रचारकों सहित कई लोगों को शामिल किया गया था।

मामले के आरोपी असीमानंद को अप्रैल 2017 में कोर्ट ने इस शर्त पर जमानत दी थी कि वह हैदराबाद और सिकंदराबाद नहीं छोड़ सकते। पिछले महीने असीमानंद से जुड़े एक दस्तावेज के गायब होने की खबर आई थी। मामले का खुलासा तब हुआ जब कोर्ट के सामने मंगाए गए दस्तावेज सीबीआई के मुख्य जांच अधिकारी एसपी टी राजेश बालाजी ने देखे। हालांकि बाद में दस्तावेज मिल गए थे। सीबीआई ने जिन चश्मदीदों की गवाही दर्ज की थी उनमें से 54 गवाह अब मुकर गए थे। इनमें डीआरडीओ के वैज्ञानिक वदलामनी वेंकट राव भी शामिल थे।

     मक्का मस्जिद ब्लास्ट 2007: 11 साल में आया फैसला

  • 18 मई 2007 को जुमे की नमाज के वक्त दोपहर 1:25 पर मोबाइल निर्देशित पाइप बम में धमाका किया गया।
  • बम वजुखाना में संगमरमर की बेंच के नीचे लगाया गया था। ब्लास्ट के समय 5000 से अधिक लोग मौजूद थे।
  • धमाके में 9 लोग मारे गए जबकि 58 घायल हुए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की फायरिंग में और लोग मारे गए।
  • बाद में मक्का मस्जिद में तीन बम और मिले। दो तो वजुखाने के पास मिले और एक बम मस्जिद दीवार के पास।
  • एनआईए ने असीमानंद और लक्ष्मण दास महाराज जैसे राइट विंग नेताओं समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया।
  • मस्जिद ब्लास्ट मामले में दो और मुख्य आरोपी संदीप वी डांगे और रामचंद्र कलसंगरा अभी भी फरार चल रहे हैं।
  • 13 मार्च 2018 को डॉक्युमेंट जांच के दौरान असीमानंद की डिस्क्लोजर रिपोर्ट गायब होने की सूचना मिली।
  • एक दिन बाद यह क्लोजर रिपोर्ट मिल गई और आज करीब 11 साल बाद ब्लास्ट केस में फैसला सुनाया गया।

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