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मोदी ने नही किया समाधान, अब 12 फरवरी को पुरे देश में विरोध प्रदर्शन करेंगे अधिवक्ता

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जयपुर – बार कौंसिल ऑफ इण्डिया के आह्वान पर अधिवक्ताओं की समस्याओं की ओर ध्यानाकर्षित करने के लिए 12 फरवरी, 2019 को पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन होगा। देशभर में 20 लाख अधिवक्ता अपनी माँगों को लेकर भारत के प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजेंगे।

बार कौंसिल ऑफ राजस्थान के चेयरमेन सुशील शर्मा ने बताया कि 12 फरवरी को सभी बार एसोसिएशन, तालुका बार एसोसिएशन उपखण्ड अधिकारी के द्वारा जिला बार एसोसिएशन कलेक्टर के द्वारा तथा राजधानी में माननीय राज्यपाल महोदय के द्वारा भारत के प्रधानमंत्री के नाम अपनी पाँच सूत्री माँगों को लेकर ज्ञापन भेजेंगे। जिसमें अधिवक्ता जूलूस के रूप में पदयात्रा करते हुए जाएंगे तथा सभा कर ज्ञापन सौंपेंगे।

अधिवक्ताओं की पाँच सूत्री माँगों में अधिवक्ताओं के लिए सस्ती आवासीय योजना, न्यायालयों में चैम्बर, पक्षकारों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था, लाईब्रेरी व ई-लाईब्रेरी की व्यवस्था, अन्य सुविधाओं के साथ ही 5 हजार करोड़ रुपये लॉयर्स व लिटिगेन्ट्स के वेलफेयर के लिए बजट में जारी किया जाए जिससे अधिवक्ताओं व परिवारजनों का बीमा हो सके तथा युवा अधिवक्ताओं को पाँच साल के लिए 10 हजार रुपये प्रतिमाह स्थायी फण्ड दिया जा सके, अधिवक्ताओं व उनके परिवारजनों को वित्तीय सुविधा (बीमारी, डेथ क्लेम व पेंशन) प्रदान की जा सके, लीगल सर्विस अथोरिटी एक्ट में परिवर्तन कर बार कौंसिल को यह कार्य सौंपा जाए, ट्रिब्यूनल्स व मंचों, आयोगों, अथॉरिटी में अधिवक्ताओं को चेयरमेन बनाया जाए तथा रिटायर्ड जजों के साथ योग्य अधिवक्ताओं को भी शामिल किया जाए।

शर्मा ने बताया कि 01 मार्च, 2014 को महात्मा मंदिर, गांधी नगर (गुजरात)में राष्ट्रीय अधिवेशन बार कौंसिल ऑफ इण्डिया द्वारा आयोजित किया गया था जिसमें गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री व वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अधिवक्ताओं की माँगों को लेकर ज्ञापन दिया था जो उस अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे थे और उन्होंने आश्वस्त किया था कि अधिवक्ताओं की समस्याओं को निराकरण करेंगे लेकिन भारत के प्रधानमंत्री के रूप में पिछले पाँच साल में माँग पूरी करना तो दूर बार कौंसिल के शिष्टमण्डल से मिलना तक उचित नहीं समझा और केन्द्र सरकार के बजट में अधिवक्ताओं के लिए कोई कार्ययोजना व वित्तीय फण्ड जारी नहीं किया, इसको लेकर देशभर के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। इसको लेकर 02 फरवरी को बार कौंसिल ऑफ इण्डिया, नई दिल्ली के सभागार में बार कौंसिल के सदस्य व देशभर की बार कौंसिल्स के चेयरमेनों की संयुक्त बैठक हुई जिसमें देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन का निर्णय लिया गया। शर्मा ने सभी बार कौंसिल के सदस्यों व बार एसोसिएशनों के अध्यक्षों से आग्रह किया है कि इस कार्यक्रम को सफलता पूर्वक सम्पन्न किया जाए।

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