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किसानों के हित में जो संभव होगा राज्य सरकार करने के लिए प्रतिबद्ध – टीकाराम जूली

टोंक – श्रम, सहकारिता एवं जिला प्रभारी मंत्री टीकाराम जूली ने कहा कि राज्य सरकार ने अपना वादा पूरा करते हुए किसानों के दो लाख तक के कर्जमाफी की शुरूआत कर दी है। सरकार की कथनी और करनी में कोई अन्तर नहीं है। किसानों के हित में जो भी संभव होगा वह राज्य सरकार करने के प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राजस्थान ऋण माफी योजना 2019 के तहत टांक जिले में लगभग 70 हजार किसानों के 210 करोड रूपए के फसली ऋण माफ किए जाऐंगे। प्रभारी मंत्री गुरूवार को टोंक तहसील की ग्राम पंचायत देवली भांची में आयोजित कृषक ऋण माफी शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में किसानों एवं ग्रामीणों को सम्बोधित कर रहे थे।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के निर्देश पर वे आज आपके समक्ष उपस्थित हुए है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा, राज्य के सहकारी बैंको के ऋणी कृषकों का 30 नवम्बर 2018 तक की स्थिति में समस्त बकाया अल्पकालीन फसली ऋण माफ किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा ये भी निर्णय लिया गया है कि सभी राष्ट्रीकृत बैंकों, अनुसूचित बैंकों व क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के वे सभी कृषक जो आर्थिक रूप से संकटग्रस्त है और अपना ऋण नहीं चुका पा रहे है, उनका सरकार द्वारा 2 लाख रूपये तक की सीमा तक का कालातीत/अवधिपार अल्पकालीन फसली ऋण माफ किया जाएगा। इसके साथ ही लघु सीमांत किसानों, जिनके पास एक हैक्टयर से कम जमीन है, उनके लिए पेंशन स्कीम शुरू की जाएगी।

प्रभारी मंत्री ने प्रदेश के बुजुर्गो को दी जाने वाली वृद्धावस्था पेंशन योजना में 250 रूपए की बढ़ोतरी को उनकी सामाजिक सुरक्षा में राज्य सरकार द्वारा बढ़ाया गया सकारात्मक कदम बताया। बेरोजगार युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा संबल योजना का जिक्र करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि 1 मार्च से प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को प्रतिमाह तीन हजार रूपए एवं महिला और विशेषयोग्य जन को तीन हजार पांच सौ रूपए का आर्थिक सम्बल प्रदान किया जाएगा। ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं के फार्म,किताब आदि पर अपना खर्चा कर सके और किसी पर भार नहीं बने।

टीकाराम जूली ने कहा कि गत सरकार ने मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान नही दिया। हमारी सरकार ने विगत एक माह में मनरेगा के कार्यदिवस एवं लेबर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है, जिससे लोगों को अपने ही गांव में काम मिल रहा है। गरीबों को एक रूपए किलों में गेंहू मुहैया कराया जा रहा है ताकि कोई व्यक्ति भूखा न सोए।

जिला कलेक्टर आर.सी. ढेनवाल ने कहा कि किसानों का 2 लाख तक का ऋण माफ कर राज्य सरकार ने निश्चित रूप से किसानों को आर्थिक संबल प्रदान किया है। उन्होंने किसानों से कहा कि वे अधिक उत्साह के साथ कृषि कार्य करें सरकार उनके साथ है। को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबन्ध निदेशक इन्द्र सिंह ने बताया कि जिले की 192 ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से फसली ऋण प्राप्त किये हुए है तथा 30 नवम्बर 2018 तक जिनके फसली ऋण बकाया चल रहे है ऐसे सभी किसानों के समस्त फसली ऋण राज्य सरकार द्वारा माफ किये जाने का निर्णय लिया गया है। जिले में 63 हजार 838 किसानों के 137 करोड रूपए के फसली ऋण बकाया चल रहे है। ऋण माफी के तहत 39 हजार 286 लघु एवं सीमांत किसान एवं 24 हजार 552 किसान अन्य कृषकों की श्रेणी में आते है। उन्होंने बताया कि सहकारिता विभाग द्वारा मध्यकालीन एवं दीर्घकालीन कृषि ऋण माफी के तहत केन्द्रीय सहकारी बैंक एवं भूमि विकास बैंक के लगभग 6 हजार किसानों के 70 करोड रूपए माफ होना संभावित है। उन्होंने बताया कि 8 फरवरी को गणेती व बालापुरा तथा 9 फरवरी को बंबोर व नानेर में फसली ऋण शिविर आयोजित किये जाऐगें। शिविर में 70 किसानों के 11 लाख के माफी प्रमाण पत्र वितरित किये गये।  शिविर में ऋण माफी का प्रमाण-पत्र लेने के बाद लाभार्थी किसानों ने कहा कि आज उन्हें बेहद खुशी हो रही है। सरकार ने आर्थिक संबल प्रदान कर उन्हे चिन्तामुक्त कर दिया है, अब वे आगामी फसल निश्चिंत होकर बोऐंगे।

ऋण माफी शिविर में उपखण्ड अधिकारी टोंक सी.एल.शर्मा, संबंधित अधिकारी,लक्ष्मण गाता, रामसिंह मुकुल, देवकरण गुर्जर, शिवजी राम मीना, सुनील बंसल, मणिन्द्र लोदी, संजीव सिंह बारठ, सरपंच देवली भांची एवं उप रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, सचिव भूमि विकास बैंक, विशेष लेखा परीक्षक मौजूद थे।

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