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भावी विकास की संभावनों को लेकर गोगुन्दा में किया मंथन

ऐसे हो सकता है आदिवासी क्षेत्र के बालकों का सर्वांगिण विकास, कार्यशाला में लिए निर्णय

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बाल संरक्षण के मुद्दों को लेकर कार्यशाला सम्पन्न, बाल संरक्षण को लेकर रोड़ मैप तैयार

गोगुन्दा/उदयपुर – बाल मुद्दों पर कार्य रही जतन संस्थान द्वारा गोगुन्दा पैलेस में बाल संरक्षण मुद्दे को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी सहित विभिन्न जनसंगठनों के लोगों व समाजसेवियों ने भाग लेकर मुद्दों को लेकर चर्चाएं करते हुए निर्णय लिए।

आपको बता दे कि जतन संस्थान द्वारा गोगुन्दा उपखण्ड क्षेत्र में चाइल्ड फण्ड इंडिया के सहयोग से बाल विकास परियोजना का संचालन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत बच्चों के सर्वांगण विकास और सर्वोत्तम हित की दिशा में राजकीय विभागों के सहयोग से 35 गांवों के 0-24 वर्ष आयु वर्ग के 1621 बच्चों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के मुद्दों पर कार्य किया जा रहा है।

कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए जतन संस्थान के कार्यक्रम प्रबंधन राजेश कुमार ने कहा कि दक्षिणी राजस्थान में बालश्रम, बाल विवाह, अशिक्षा, अनियोजित पलायन जैसे कई मुद्दे है, साथ ही सामाजिक कुरीतियों में नाता प्रथा भी प्रमुख है, जिसका बच्चों के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

इस दौरान जतन संस्थान द्वारा विगत 2 वर्षों में किए गए अध्ययन की रिपोर्ट साझा की गई। जिसमें क्षेत्र के विद्यालयों के इंफ्रास्ट्रेक्चर, अध्यापकों की उपलब्धता, शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़े तथ्य साझा करते हुए एकता नन्दवाना ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के संदर्भ में विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएससी) सहित विभिन्न पहलूओं की जानकारियां दी। उन्होंने कहा कि अध्ययन के दौरान एसएमसी की हालात बहुत ही दयनीय पाई गई, जब तक एसएमसी मजबूती के साथ व अधिनियम की भावना के अनुरूप गठित होकर कार्य नहीं करेगी तब तक अधिनियम की मंशा का पूरा हो पाना असंभव है। उन्होंने बताया कि अध्ययन के अनुसार क्षेत्र के 54 प्रतिशत परिवारों से लोग रोजगार के लिए पलायन करते है। पलायन के कारण भी परिवारों के बच्चों के विकास पर प्रभाव पड़ता है।

बाल संरक्षण के मुद्दों को लेकर रोड़ मैप तैयार करते हुए निर्णय लिया गया कि क्षेत्र के बालकों के सर्वांगिण विकास के लिए जागरूक लोगों से आगे आकर कार्य करने का आव्हान किया जाए। समुदायों के जागरूक लोगों के साझे प्रयासों से ही कुरीतियों से पार पाया जा सकता है।

कार्यशाला के अंत में शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जनसहभागिता बढ़ाने, एसएमसी को मजबूत करने, आखातीज जैसे अवसरों पर बाल विवाहों की रोकथाम करने, नाता प्रथा की रोकथाम करने सहित बाल श्रम रोकने को लेकर साझे प्रयास करने को लेकर निर्णय लिए गए।

कार्यशाला में बीईओ अम्बा लाल खटीक, बगडून्दा सरपंच प्रभू लाल मेघवाल, पूर्व सरपंच केसू लाल खैर, अरावली निर्माण मजदूर सुरक्षा संघ के भैरू लाल मेघवाल, जतन संस्थान के डायरेक्टर कैलाश बृजवासी, उपनिदेशक रणवीर सिंह, चाइल्ड फ़ंड दिल्ली की टीम व जतन संस्थान के कार्मिक, आईपी ग्लोबल के गोगुन्दा समन्वयक कन्हैया लाल गमेती सहित कई लोग मौजूद थे।

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