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सामान्य वर्ग के आर्थिक पिछड़ों को 10 प्रतिशत आरक्षण देगी राजस्थान सरकार

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जयपुर – राजस्थान सरकार ने केंद्र सरकार के फैसले के मद्देनजर सामान्य वर्ग के आर्थिक पिछड़ों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है। इसके लिए नियमों में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। इसके साथ ही राज्य सरकार ने पिछड़ा वर्ग व अति पिछड़ा वर्ग के लिए ‘क्रीमीलेयर’ की सीमा बढ़ाकर 8 लाख रुपये की है।

ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला ने बुधवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल की मंगलवार को हुई बैठक में इस आशय के फैसले किए गए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा किए गए संविधान संशोधन के मद्देनजर राज्य में शैक्षिक संस्थाओं में सीटों तथा राज्य अधीनस्थ सेवाओं में नियुक्ति में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए निर्धारित मापदंडों के अनुसार 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए नियमों में जरूरी बदलाव किया जाएगा।

कल्ला ने बताया कि इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने भारत सरकार के 13 सितंबर 2017 के आदेश के अनुसार अन्य पिछड़ा वर्ग के क्रीमीलेयर की सीमा के लिए निर्धारित प्रावधान 8 लाख रुपये की वित्तीय सीमा के अनुरूप राज्य के पिछड़ा व अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए क्रीमीलेयर की सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये करने का फैसला किया है।

गुर्जरों को आरक्षण का विधेयक पारित, नौवीं अनुसूची में डालने की अपील

आपको बता दे कि राजस्थान विधानसभा ने राज्य में गुर्जर सहित पांच जातियों को सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में पांच प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी विधेयक बुधवार को पारित कर दिया। साथ ही, विधानसभा ने एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से आरक्षण की इस व्यवस्था को संविधान की नौंवी अनुसूची में शामिल करने की भी अपील की है। राज्य की कांग्रेस सरकार ने यह विधेयक ऐसे समय में पारित कराया है, जब गुर्जर समुदाय के लोग किरौड़ी सिंह बैंसला के नेतृत्व में आंदोलन कर रहे हैं। उनका प्रदर्शन बुधवार को छठे दिन भी जारी रहा। विधेयक पारित होने के बाद बैंसला ने कहा कि इसपर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति इस विधेयक के बारे में सांसदों, विधायकों और बुद्धिजीवियों से चर्चा करेगी। विधानसभा में पारित विधेयक में राज्य में पांच अति पिछड़ी जातियों –
(1) बंजारा/ बालदिया/लबाना
(2) गाडिया लौहार/ गाडोलिया
(3) गुर्जर/गुजर (4) राइका/ रैबारी/ देबासी
(5) गडरिया/गाडरी/ गायरी को 5 प्रतिशत आरक्षण मुहैया करने का प्रावधान किया गया है।
साथ ही, राज्य में पिछड़ा वर्ग आरक्षण मौजूदा 21 प्रतिशत से बढाकर 26 प्रतिशत करने का भी प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार की ओर से मंत्री बीडी कल्ला ने राजस्थान पिछड़ा वर्ग (राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में सीटों और राज्य के अधीन सेवाओं में नियुक्तियों और पदों का आरक्षण) संशोधन विधेयक, 2019 सदन में पेश किया। इसके अलावा राज्य विधानसभा ने विधेयक को संविधान की नवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए एक शासकीय संकल्प भी ध्वनिमत से पारित किया। इसके जरिए केंद्र सरकार से उक्त विधेयक को संविधान की नौवीं अनुसूची में सम्मिलित करने और संविधान में यथोचित संशोधन करने का अनुरोध किया गया है।

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