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राजस्थान में पर्यटन के क्षेत्र में जीविकोपार्जन की अपार संभावनाएं है – पायलट

एनडीटीवी एवं पर्यटन विभाग के सौजन्य से ’’पर्यटन व जीविकोपार्जन’’ विषय पर विमर्श आयोजित

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जयपुर – उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि राजस्थान मे मौजूद पुरा सम्पदा, समृद्व इतिहास, वन्य सम्पदा व अनेक ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों के कारण यहॉं पर्यटन के क्षेत्र में जीविकोपार्जन की अपार संभावनाएं हैं, केवल जरूरत है पर्यटन उद्योग की सही प्रकार से मार्केटिंग की।

पायलट ने यह बात रविवार को एनडीटीवी एवं पर्यटन विभाग की संयुक्त पहल ’’पधारो म्हारे देश’’ के तहत ’’पर्यटन व जीविकोपार्जन’’ विषय पर अल्बर्ट हॉल पर आयोजित परिचर्चा में पत्रकार निधी राजदान के सवालों पर गणमान्य अतिथियों के समक्ष कही।

उन्होंने कहा कि देश में आने वाले प्रत्येक 3 पर्यटक में से एक राजस्थान आता है व एक पर्यटक के राज्य में भ्रमण पर आने से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 14 लोगों को रोजगार मिलता है लेकिन गत वर्षों में पर्यटकों हेतु आवश्यक सुविधाएं विकसित करने पर ध्यान न देने, उन्हें आकर्षित करने हेतु मार्केटिगं पर ध्यान न देने व उनकी सुरक्षा पर ध्यान न देने के कारण प्रदेश में बहुतायत में आकर्षक पर्यटन स्थलों की मौजूदगी के बावजूद पर्यटन के क्षेत्र में राज्य पिछड़ गया। लेकिन अब राज्य में पयर्टन उधोग पर विशेष ध्यान दिया जायेगा क्योंकि इस क्षेत्र का सही प्रकार से दोहन किया जाये तो लाखों की तादाद में प्रशिक्षित व अप्रशिक्षित लोग रोजगार पा सकते हैं।

पायलट ने कहा कि प्रदेश में अनेक नये टूरिस्ट सर्किट व डेस्टिनेशन को सुव्यवस्थित तरीके से विकसित करने की जरूरत है। इनके विकास से रोजगार के नये अवसर युवाओं के लिए सृजित हो सकते हैं। अगर केन्द्र राज्य को पयर्टन के क्षेत्र में विकास हेतु पर्याप्त सहयोग प्रदान करे तो प्रदेश में पर्यटन उधोग नई उंचाईयां हासिल कर सकेगा इससे राज्य की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा पर विशेष ध्यान देगी ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चे बड़े होकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सके।

शिक्षित व अशिक्षित युवाओं को रोजगार प्रदान करना प्रदेश व देश के लिए उन्होंने सबसे बड़ी चुनौति बताया व कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में शुरू की गई मनरेगा योजना देश के ग्रामीणों के लिए जीवनदायिनी बन चुकी है इससे लगभग 40 प्रतिशत लोग गरीबी की रेखा से उपर उठ सके। विश्व में रोजगार प्रदान करने वाली ऐसी योजना कहीं नहीं है।

पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने प्रदेश में पर्यटन उद्योग के विकास हेतु आधारभूत ढांचे में सुधार की जरूरत बताते हुए कहा कि हमें ज्यादा से ज्यादा देशी व विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इतिहास, पुरा सम्पदा, धार्मिक महत्व के स्थलों व वन्य सम्पदा को जोड़ना होगा।

राजस्थान पर्यटन विकास निगम के होटलों की खस्ता हालत के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इनकी हालत सुधारने पर ध्यान दिया जा रहा है व प्रयास किये जा रहें है ताकि ये ज्यादा से ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित कर सकें व राजस्व में बढ़ोतरी के साथ-साथ रोजगार प्रदान करने में सहायक हो सके।

सिंह ने कहा कि राज्य में पयर्टन के क्षेत्र में सक्रिय माफिया का सफाया करने पर जोर रहेगा ताकि यहॉं आने वाला हर पर्यटक स्वंय को महफूज महसूस कर सके व मधुर स्मृतियां के साथ वापस लौट सके।

इस अवसर पर पर्यटन राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा, पूर्व मंत्री बीना काक, प्रमुख शासन सचिव पर्यटन श्रेया गुहा, अतिरिक्त निदेशक पर्यटन मनीषा अरोड़ा, पर्यटन व होटल व्यवसाय से जुड़ी नामचीन हस्तियां, पर्यटन विभाग व एनडीटीवी के अनेक अधिकारी व पत्रकार आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन एनडीटीवी की हर्षा सिंह व सुनीति चौधरी ने किया।

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