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उदयपुर : इस सीट पर कांग्रेस के 3 और भाजपा के भी 3 दावेदारों की मजबूत दावेदारी . . .

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लखन सालवी/उदयपुर

लोकसभा चुनाव आ गया है, देश में आर्दश आचार संहिता लागू कर दी गई है। निर्वाचन विभाग आर्दश आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करवाने के लिए प्रयाररत है। राजस्थान में लोकसभा की 25 सीटें है। यहां प्रमुख राजनीतिक पार्टियां इन 25 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की सूचियां बनाने में ही लगी हुई। अभी तक किसी भी पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की है।

वहीं आमजनता की नजरें राजनीतिक पार्टियों व उनके प्रदेशाध्यक्षों की फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम जैसे तमाम सोशल मीडिया प्लेटफार्म सहित रोजाना के अखबारों के पन्नों पर टीकी हुई है। लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले राजनीतिक लोग भी अपने नामों की घोषणा होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे है। वहीं चर्चा है कि अगले सप्ताह के शुरूआती दिनों में पहली सूची जारी कर दी जाएगी।

कांग्रेस के ये तीन नेता है टिकिट के मिलने के इंतजार में

Raghuveer Singh Meena

उदयपुर सीट अनुसूचित जनजाति आरक्षित सीट है। यूं तो कांग्रेस के कई दावेदार है इस सीट पर चुनाव लड़ने के लिए, मगर कांग्रेस की ओर से उम्मीदारों में पूर्व सांसद रघुवीर मीणा, पूर्व मंत्री डॉ. मांगी लाल गरासिया व युवा नेता विवेक कटारा के नाम प्रमुखता से सामने आए है। रघुवीर सिंह मीणा गत बार जनरल इलेक्शन 2014 में भाजपा के प्रत्याशी अर्जुन लाल मीणा से 2 लाख 36 हजार 762 मतों से चुनाव हारे थे। हाल ही में हुए राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में रघुवीर सिंह मीणा को कांग्रेस पार्टी ने सलूम्बर सीट से विधायक का टिकिट दिया था लेकिन रघुवीर सिंह मीणा यह सीट भी नहीं निकाल पाए। वे भाजपा के अमृत लाल मीणा से 21918 वोटों से चुनाव हार गए।

 

Dr. Mangi Lal Garasiya

राजस्थान विधानसभा में चुनाव में डॉ. मांगी लाल गरासिया को गोगुन्दा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाया, वे भाजपा के प्रताप लाल भील से 4411 मतों से हारे। इस सीट पर डॉ. मांगी लाल गरासिया ने लगातार पांचवी बार चुनाव लड़ा। वे इस बार लगातार दूसरी बार चुनाव हार गए। कांग्रेस के युवा नेता विवेक कटारा को कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में इस बार उदयपुर ग्रामीण सीट पर उतारा लेकिन वो 18707 मतों से चुनाव हार गए।

हालांकि तीनों प्रत्याशी हाल ही हुए राजस्थान विधानसभा चुनाव में हार चुके है लेकिन लोकसभा चुनाव के लिए इनसे इतर कोई ओर मजबूत उम्मीदवार दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे है पार्टी पूर्व सांसद रघुवीर सिंह मीणा को टिकिट देगी। वहीं इस बार पूर्व मंत्री डॉ. मांगी लाल गरासिया भी पूरे दमखम के साथ दावेदारी जता रहे है। पार्टी के विभिन्न संगठनों के लोग भी डॉ. गरासिया के साथ लगे हुए दिखाई दे रहे है। देहात जिलाध्यक्ष लाल सिंह झाला का सहयोग भी हमेशा डॉ. गरासिया को मिलता रहा है।

उधर युवा नेता विवेक कटारा टिकिट पाने के लिए अपनी युवा टीम के साथ मिलकर कांग्रेस उपाध्यक्ष से सम्पर्क साधे हुए है। टिकिट किसे मिल सकता है, यह कहना भी अभी मुश्किल है मगर कयास है कि पार्टी रघुवीर सिंह मीणा को टिकिट देना चाहेगी और जिले के आला कांग्रेस नेता मिलकर डॉ. मांगी लाल गरासिया को टिकिट दिलवा सकते है।

भाजपा अर्जुन लाल मीणा को दे सकती है टिकिट

Arjun Lal Meena

कयासों के दौर के बीच उदयपुर सीट से भाजपा के अर्जुन लाल मीणा को कुछ राहत मिलती हुई दिखाई दी है। चुनावी चर्चाओं के मंथन से निकले सिमटम्स बता रहे है कि भाजपा इस बार उदयपुर सीट पर टिकिट रिपीट कर सकती है यानि अर्जुन लाल मीणा को टिकिट दिया जा सकता है।

आपको बता दे कि उदयपुर सीट के लिए वर्तमान में तीन प्रमुख दावेदारों के नाम चर्चाओं में है, जिनमें पूर्व सांसद अर्जुन लाल मीणा, दूसरे है चुन्नी लाल गरासिया व तीसरे है नरेन्द्र मीणा। कहीं-कहीं पर पूर्व विधायक नाना लाल अहारी का नाम भी सुर्खियों में है।

हालांकि टिकिट वितरण में पूर्व गृहमंत्री व नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया की भूमिका विशेष रहेगी। टिकिट उनकी मंशा के अनुसार दिया जाएगा। ये लाजमी भी है कि क्योंकि अंततः मेवाड़ क्षेत्र में कटारिया का वर्चस्व है। पूर्व भाजपा सरकार में गुलाब चंद कटारिया जहां राज्य के गृहमंत्री थे वहीं अर्जुन लाल मीणा केंद्र सरकार में सांसद। इन दोनों की जोड़ी ने उदयपुर जिले के लिए मिलकर कार्य किया और जनता के इनकी ट्यूनिंग को करीब से देखा भी। ऐसे में संभावनाएं व्यक्त की जा रही है कि भाजपा उदयपुर सीट का टिकिट अर्जुन लाल मीणा को ही देगी।

अर्जुन लाल मीणा पूर्व में विधायक रहे चुके है, वहीं लोकसभा चुनाव 2014 में 2 लाख 36 हजार 762 मतों से चुनाव जीते थे। जिले में वे र्निविवादित नेता के तौर पर जाने जाते है। साथ ही भाजपा के विभिन्न संगठनों के लोगों से भी अच्छे तालमेल है। जो अर्जुन लाल मीणा को टिकिट दिलवाने में कारगर साबित हो सकते है।

Chhuni Lal Garasiya

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष चुन्नी लाल गरासिया भी टिकिट की दावेदारी जता रहे है। वे पूर्व में उदयपुर ग्रामीण सीट से विधायक रहे थे। एक बार भाजपा सरकार में उन्हें मंत्री भी बनाया गया था। वे पिछले तीन चुनावों से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकिट की दावेदारी कर रहे है लेकिन उन्हें टिकिट नहीं दिया गया।

तीसरे दावेदार के रूप में नरेन्द्र मीणा की मजबूत दावेदारी दिख रही है। ये भाजपा जिला महामंत्री रहे है और इन्होंने सलूम्बर सीट से विधानसभा चुनाव भी लड़ा लेकिन चुनाव जीत नहीं पाये थे। भाजपा का एक धड़ा इन्हें टिकिट दिलवाने की पैरवी कर रहा है।

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