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दर-दर भटक रहे है पशु, खेल्लियां खाली

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भीषण गर्मी में दोहरी मार से गुजर रहे बेसहारा पशु

सौरभ जैन/सुनेल/झालावाड़ – पशु खेल्ल के रखरखाव अभाव व कमी पर सुनेल क्षेत्र के कादरनगर गांव में बेसहारा पशुओं की हालत खस्ताहाल हो रखी है। पशु पानी के लिए दर-दर भटक रहे है। इस पर आधा अधूरा पानी उपलब्ध होने पर उन्हें थोड़ी राहत मिलती है। राज्य सरकार ने गांव में खेल्ल तो बना दी लेकिन उसमें पानी की व्यवस्था नही की है। गांव के बेसहारा पशुओं के प्रति उपेक्षित रवैये को लेकर पशुप्रेमियों में रोष है।

गौरतलब है कि क्षेत्र में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। गर्मी का असर इतना तीखा है कि सुबह 10 बजे बाद ही लोग घरों, कार्य स्थलों पर चले जाते है। शीतल पानी व छांव हर किसी की पहली जरूरत बनी हुई है। आग उगलती गर्मी में मूक पशुओं के लिए पेयजल की उचित व्यवस्था के अभाव में इन दिनों इनका दम निकला जा रहा है।

एक भी व्यवस्थित पशु खेल्ली नही

जनप्रतिनिधियों एंव कार्मिकों के पेयजल के लिए कोई सार्वजनिक व्यवस्था नही है। इनके पेयजल के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में पानी के कैंपर पहुंचते है। जनप्रतिनिधि व कार्मिकों शुद्व-मीठे पानी से प्यास बुझाते है और इससे ही हाथ पैर व मुंह धोते है। वहीं दूसरी और गांव मूक पशुओं के पेयजल के लिए एक भी पशु खेल्ली नहीं है। गांव में बड़ी संख्या में बेसहारा पशु है। पानी के लिए सुबह से शाम तक मूक पशु एक से दूसरे छोर पर भटकते है। पुरानी खेल्लियों की मरम्मत करने के साथ नई का निर्माण करवाकर इन्हें अच्छी सुविधा उपलब्ध करवाई जा सकती है, लेकिन प्रशासन को मानो इससे कोई सरोकार ही नहीं है।

पशुओं की हालत खराब

कादरनगर गांव निवासी उदयराम मेघवाल, राजूलाल धाकड़, बजरंग धाकड़ ने बताया कि गांव में पशु खेल्ली सही नहीं है। पानी के लिए पशु इधर से उधर भटकते है। भीषण गर्मी में इनकी हालात खस्ताहाल हो रखी है।
कोई ध्यान नहीं दे रहे

कादरनगर निवासी जगदीश मेघवाल, रमेश मेघवाल ने बताया कि बेसहारा पशुओं के प्रति कोई ध्यान नहीं दे रहा है खराब हालात में खेल्ल परेशानी बढ़ा रही है।

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