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मेधा वृद्धि, तनाव मुक्ति और निरोगी जीवन की कला है योग

कानपुर (उत्तरप्रदेश) – योग जीवन की कला है जो मनुष्य को स्वस्थ शरीर के साथ स्वस्थ मन को जागृत करता है, स्वस्थ मन में उपजे विचार ही व्यक्ति को सुख के रास्ते से आनन्द की ओर ले जाता है। यह बात पब्लिक वेलफेयर एसोसिएशन (पीडब्ल्यूए उत्तर प्रदेश) की अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर आयोजित विशेष योगशाला में कही गईं।

बुधवार को कल्यानपुर के पुराना शिवली रोड स्थित पीडब्ल्यूए के प्रधान कार्यालय प्रांगण में प्रातः 7 बजे से 8ः30 बजे तक पूर्व वरिष्ठ राजकीय आयुष चिकित्साधिकारी डॉक्टर सत्येन्द्र कुमार कटियार ने योगशाला के दौरान लोगों को विभिन्न योग कलाओं का अभ्यास कराया और बताया कि योग इंसान की मेधा वृद्धि, तनाव मुक्ति और निरोगी जीवन की कला है। बुद्ध ने दुनिया को जीवन का महत्वपूर्ण उपहार योग के रूप में दिया जो भारत की प्राचीनतम् विरासत आज दुनिया के गुरू के रूप में है। इस दौरान ध्यान मुद्रा में आनापान प्रशिक्षण दिया। संस्था अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कटियार ने योग से स्वस्थ होने का स्वयं का अनुभव साझा किया जिसमें वह सर्वाइकल व बैकपेन की समस्या से निजात पाए।

संस्था महासचिव पंकज कुमार सिंह ने बताया कि संस्था के बैनर तले टोली बनाकर योगाभ्यास के कार्यक्रम आयोजित करके लोगों को दवाओं के स्थान पर योग से स्वस्थ रहने के प्रति जागरुक किया जा रहा है। सूबेदार सविता, अधिवक्ता राजेन्द्र वर्मा, एडवोकेट रूपेश गंगवार, विपिन पटेल, रामसिंह कुशवाह, दिनेश चन्द्र कटियार, अभियंता प्रदीप सिंह, मुकुल भदौरिया, आलोक राजपूत, अमित यादव, देवेन्द्र राजपूत, सुमित कटियार, मोंटी यादव, विशेष पटेल आदि रहे।

Lakhan Salvi
Author: Lakhan Salvi

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